
नारायणपुर:- डीजल की कमी और नारायणपुर के पेट्रोल पंपों के संचालकों द्वारा डिब्बे में डीजल नहीं देने के वजह से किसान, ठेकेदार , व्यापारी वर्गों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है,आदिवासी अंचल में बसने वाले सोनपुर, गारपा, कुंदला के किसान पखांजूर,बांदे,अंतागढ़, कोंडागांव से डीजल लाने पर मजबूर है जिसकी खास वजह नारायणपुर पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा डब्बे में डीजल नहीं दिया जाने का कारण है जबकि कार्यालय कलेक्टर से किसान ,व्यापारी,ठेकेदार वर्ग ने जब अपने अपने व्यक्तिगत समस्याओं से डीजल को लेकर बतलाया तो 20 लीटर डीजल डब्बे में देने की बात कही गई थी और 20लीटर डीजल डब्बे में दिया भी जा रहा था जिसमें किसानों को भी यह राहत दी गई थी की किसान कार्ड दिखा कर किसान वर्ग भी 20 लीटर डीजल डब्बे में ले जा सकते है । लेकिन पेट्रोल पंपों के संचालकों द्वारा नारायणपुर जिले में डीजल डब्बे में नहीं देने के कारण काफी समस्याओं का सामना नारायणपुर किसान,ठेकेदार,व्यापारी वर्गों को करना पड़ रहा है।वही सोनपुर के निवासी धनीराम नेताम अपने मोटर यान पर डीजल ले कर जा रहा था जब पूछा गया की यह डीजल डब्बे में किसने दिया तो उसका कहना था की अंतागढ़ से ला रहा हु नारायणपुर में डब्बे में डीजल नहीं दिया जा रहा खेती का समय है बिना डीजल के ट्रैक्टर चल ही नहीं सकता वैसे ही गारपा के किसान बांदे से डब्बे में डीजल लाते हुए दिखाई दिए इससे साफ साफ अंदाजा लगाया जा सकता है की अभी विशेष कर किसान वर्ग पेट्रोल पंप संचालकों नारायणपुर से काफी नाराज चल रहा है और यह नाराजगी भाजपा सरकार से भी देखने को मिल रही है जो किसान वर्ग नारायणपुर जिले का डीजल की समस्याओं को ले कर कोई कार्यवाही की बात नहीं कर रहा वही विपक्ष में कांग्रेस,आम आदमी पार्टी,सीपीआई राजनीतिक पार्टियों ने किसानों के इस मुद्दे को मुख्य मुद्दे के तौर पर उठाया है ।
जब इस बात पर पेट्रोल पंपों के संचालकों से पूछा गया तो श्याम सुंदर पेट्रोल पंप संचालक द्वारा यह कहा गया की कोई सरकारी आदेश नहीं है यह हमारी स्वयं की मर्जी और फैसला है की हम को डिब्बे में डीजल नहीं देना है जिला प्रशासन को जगाओ।अब जिला प्रशासन नारायणपुर से भी यह सवाल उठना स्वाभाविक है की जब नारायणपुर जिले से लगे हुए जिलों में डीजल स्थिति को देखते हुए डब्बे में दिया जा रहा है तो फिर नारायणपुर में क्यों नहीं दिया जा रहा?क्या जिले के नियम डीजल के आबंटन को ले कर अलग अलग है?क्या जिला प्रशासन और नारायणपुर पेट्रोल पंप संचालकों को नारायणपुर की भौगोलिक स्थिति विषम परिस्थिति की जानकारी नहीं है? या फिर सिर्फ पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी चलेगी ?
किसान, ठेकेदार, व्यापारी वर्गों को देखते हुए जल्द से जल्द समस्या का समाधान करना जरूरी है ताकि सभी वर्गों को राहत मिल सके।




