*रावघाट बीएसपी प्रबंधन की दादागिरी नही चलेगी जबरदस्ती बीना व्यवस्था के माइंस चलाना बंद करे क्षेत्र के आदिवासी,किसान, जवान,युवा गुंगे बहरे नही है सड़क पर आने देर नही करेंगे*
*रावघाट खदान का जहर : लाल मलबे से खेती बर्बाद, ग्रामीण जहरीला पानी पीने को मजबूर – नरेन्द्र नाग प्रदेश प्रवक्ता व अध्यक्ष बस्तर लोकसभा आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़*
नारायणपुर । रावघाट खदान क्षेत्र में बीएसपी माइंस प्रबंधन की लापरवाही और मनमानी अब सीधे तौर पर आदिवासी किसानों के जीवन और आजीविका पर हमला बन चुकी है। खदान से निकल रहे लाल मलबे और दूषित पानी ने खेतों को बर्बाद कर दिया है, वहीं जल स्रोत भी पूरी तरह प्रदूषित हो चुके हैं। अंजरेल गांव के कम से कम 15 किसानों के खेतों में लाल पानी और मलबा भर जाने से पूरी फसल चौपट हो गई है। हालात इतने भयावह हैं कि स्थानीय आदिवासी किसान उसी गंदे और जहरीले पानी को पीने को मजबूर हैं, लेकिन बीएसपी माइंस प्रशासन आंख मूंदे बैठा है सीएसआर राशी का कागजो मे विकास नही चलेगा।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने इस मुद्दे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीएसपी माइंस बिना किसी व्यवस्था के जबरदस्ती खनन कर रही है। न सड़क की सुविधा दी जा रही है, न स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार, न स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई चिंता। 20 गाँव तो सीधे प्रभावित हैं, लेकिन आसपास के अन्य क्षेत्रों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि करोड़ों रुपये की रॉयल्टी आखिर किसकी जेब में जा रही है? जब गरीबों को साफ पीने का पानी तक नसीब नहीं, किसानों की खेती बर्बाद हो रही है, तो ऐसे विकास का क्या मतलब? यह विकास नहीं, विनाश है। बीएसपी प्रबंधन सत्ता पक्ष की गुलामी कर रहा है और कागजों में विकास दिखाया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी ने सरकार और बीएसपी प्रबंधन से मांग की है कि –
1. प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा दिया जाए
2. दूषित जल स्रोतों की सफाई और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की जाए
3. खदान से निकलने वाले मलबे और पानी के लिए स्थायी प्रबंधन किया जाए
4. स्थानीय युवाओं को रोजगार और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाए
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उक्त समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो पार्टी किसानों और आदिवासी समाज के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।