
*समय सीमा की बैठक*
*जिले के आश्रम छात्रावास स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र के स्वीकृत निर्माण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करना सुनिश्चित करें-कलेक्टर नम्रता जैन*
*सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु के आवेदनों को गंभीरता पूर्वक निराकरण करने के निर्देश*
*आश्रम छात्रावास के निरीक्षण नोडल अधिकारियों को नए मित्र रूप से निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश*
नारायणपुर, 21 सितंबर 2026// कलेक्टर नम्रता जैन की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टोरेट के सभा कक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु के आवेदनों सहित विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर नम्रता जैन ने जिले के आश्रम-छात्रावास, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ कराना सुनिश्चित करें, ताकि जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों और हितग्राहियों को इन सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में जनपद पंचायत ओरछा क्षेत्र में स्वीकृत निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा गुणवत्ता के साथ समय-सीमा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
कलेक्टर ने जनमन एवं बस्तर मुन्ने के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने जनमन योजना के माध्यम से स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
जिले के आश्रम छात्रावास के निरीक्षण नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण कर समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए बैठक में विद्युत विभाग के कार्यों कीi समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता को जिले के पहुंचविहीन गांवों तक विद्युत लाइन पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में अभी तक विद्युत सुविधा नहीं पहुंची है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार कर बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर ने श्रम विभाग की समीक्षा करते हुए जिले में शत-प्रतिशत पात्र श्रमिकों का श्रम कार्ड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उनका पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने विद्युत विभाग, श्रम विभाग तथा प्रधानमंत्री आवास से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। इसके साथ ही जिले के आश्रम-छात्रावासों और स्कूलों में पोषण वाटिका विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पोषण वाटिका के माध्यम से बच्चों को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक हरी सब्जियां और अन्य उपयोगी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर प्रयास किया जा सकता है।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु के लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों की शिकायतों और आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और संबंधित विभाग समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ चित्रकांत चाली ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर डीके कोशले, सुनील सोनपिपरे, सौरभ दीवान, सीएमएचओ डॉ. टीआर कुंवर, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन अशोक चौधरी, कार्यक्रम अधिकारी लुपेंद्र महिनाग सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।