60 साल से खेती कर रहे दण्डकारण्य विस्थापित किसान आज भी भूमिहीन

 

*60 साल से खेती कर रहे दण्डकारण्य विस्थापित किसान आज भी भूमिहीन, सरकार बताएं कब मिलेगा मालिकाना हक कब? – नरेन्द्र नाग अध्यक्ष बस्तर लोकसभा व प्रदेश प्रवक्ता आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़*

जगदलपुर । बस्तर संभाग में दण्डकारण्य विस्थापित किसान पिछले 60 वर्षों से लगातार खेती कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें उनकी जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला है। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रवक्ता व बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए राज्य सरकार पर किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाया है।
नाग ने कहा कि जिन किसानों ने बंजर जमीन को अपनी मेहनत से उपजाऊ बनाया, आज भी वे कागजों में “अतिक्रमणकारी” बने हुए हैं। यह न केवल अन्याय है, बल्कि उन किसानों के आत्मसम्मान पर भी चोट है, जिन्होंने पीढ़ियों से इस जमीन को अपना जीवन बनाया है।

आप नेता नरेन्द्र नाग ने सवाल उठाया कि
आखिर 60 साल से खेती कर रहे किसानों को अब तक मालिकाना हक क्यों नहीं मिला? क्या सरकार सिर्फ चुनाव के समय वादे करने के लिए ही किसानों को याद करती है? जिन किसानों के नाम पर योजनाएं बनती हैं, उन्हें हक देने में इतनी देरी क्यों?
नाग ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और प्रशासनिक उदासीनता के कारण दण्डकारण्य क्षेत्र के किसान आज भी असुरक्षा और भय के साये में जी रहे हैं। बैंक से लोन, फसल बीमा और अन्य सरकारी सुविधाओं से वे वंचित हैं, क्योंकि उनके पास जमीन का वैध दस्तावेज नहीं है।
AAP की मांगें –
1. दण्डकारण्य विस्थापित किसानों को तत्काल जमीन का मालिकाना हक दिया जाए।
2. भूमि रिकॉर्ड को सरल और पारदर्शी बनाकर किसानों के नाम दर्ज किए जाएं।
3. जिन किसानों को वर्षों से हक नहीं मिला, उन्हें मुआवजा और विशेष पैकेज दिया जाए।
आम आदमी पार्टी के बसःतर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इस मुद्दे का समाधान नहीं किया, तो आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़क पर आंदोलन करेगी।

 

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