*अब तक नहीं हुई रेत खदान की नीलामी।*
*जिला प्रशासन को हो रहा करोड़ों का नुकसान*
*ठेकेदारों को हो रहा आर्थिक नुकसान*
नारायणपुर:- ग्राम पंचायत द्वारा एन0 ओ0 सी0 नहीं मिलने के कारणवश अब तक जिले में रेत खदान की नीलामी नहीं किया जा सका है,जिससे राजस्व का एक बड़ा घाटा जिला प्रशासन को हो रहा है।रेत नीलामी नहीं होने के कारण अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जा रहा है चाह कर भी जिला प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है जबकि जिला नारायणपुर में गढ़ बंगाल,छेरी बेड़ा, कुंदला,कोहका मेटा, ब्रह्बेडा जैसे मुख्य रेत भंडार मौजूद है बावजूद अभी तक रेत भंडार की नीलामी नहीं हो पाई है ।
बिना ग्राम पंचायत के परमिशन के गांव वाले प्रधानमंत्री आवास के नाम पर रेत ढुलाई कर रहे है जिसमें भी मुख्यत यह शिकायत मिल रही है की प्रधानमंत्री आवास के नाम पर मनमाना रेत का भंडारण निजी तौर पर किया जा रहा है।
अब तक रेत भंडार की नीलामी ना हो पाने के कारण गवर्मेंट ठेकेदारों को भी काफी हानी हो रही है जिसका की कारण प्रत्येक रनिंग बिल पर तीन गुना रॉयल्टी का काटना है यह रॉयल्टी पेमेंट आखिरी बिल पर रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र जमा करने पर ही जारी किया जाएगा अब सवाल यह उठता है की जब रेत भंडार का नीलामी ही नहीं हुआ है तो ठेकेदार कहा से और किससे रॉयल्टी ले कर आएगा।
रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र समय पर जमा ना करने पर रॉयल्टी का कटा हुआ तीन गुना राशि सरकारी खजाने में जमा कर लिया जाएगा ऐसा छत्तीसगढ़ शासन का स्पष्ट आदेश है।
इसी तारतम्य में जब जिला खनिज विभाग से चर्चा की गई तो विभाग का कहना है की हम ने पहले ही कलेक्टर शाखा को इस विषय पर सुचित कर दिया है अब जब तक रेत भंडार नीलामी की आदेश नहीं आ जाता हम कुछ भी नहीं कर सकते।





