*विष्णु के सुशासन में एक ही परिवार को मिल रही सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ*
*पारदर्शी धान खरीदी और महतारी वंदन योजना से बदली मन्देर के परिवार की आर्थिक स्थिति*
*₹3100 समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री साय का जताया आभार*
*महतारी वंदन योजना से घर की छोटी-छोटी जरूरतें हो रही है समय पर पूरी*
नारायणपुर, 09 जनवरी 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाएँ अब ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। पारदर्शी धान खरीदी प्रक्रिया और महतारी वंदन योजना ने जिले के ग्राम कुम्हली निवासी किसान मन्देर कुमेटी और उनकी पत्नी सुकाल दाई के जीवन को नई दिशा दी है। यह दंपत्ति आज आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक स्थिरता की मिसाल बनकर सामने आया है।
ग्राम कुम्हली के किसान मन्देर कुमेटी के पास लगभग 2 एकड़ कृषि भूमि है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान उन्होंने 26 क्विंटल धान का उत्पादन किया। गढ़बेंगाल धान खरीदी केंद्र में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी रही। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के कारण उन्हें लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ा और दो दिनों के भीतर धान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित हो गई।
मन्देर कुमेटी ने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा ने किसानों को बड़ी राहत दी है। खरीदी केंद्रों में बारदाना, छाया, पेयजल, मेडिकल किट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब किसानों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और उनकी मेहनत का पूरा मूल्य समय पर मिल रहा है। धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे खेती में सुधार और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, मन्देर कुमेटी की पत्नी सुकाल दाई के जीवन में महतारी वंदन योजना ने आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मसम्मान की नई रोशनी लाई है। एक गृहणी होने के साथ-साथ वे खेती और मजदूरी के माध्यम से परिवार का सहयोग करती थीं। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि मिलने से उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
सुकाल दाई ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग खेती में निवेश और अपने तीन बच्चों की पढ़ाई पर करती है। इससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी नई दिशा मिली। आज सुकाल दाई आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं और स्वयं को समाज में सशक्त महसूस कर रही हैं।
पति-पत्नी दोनों का मानना है कि शासन की योजनाओं ने उनके जीवन में वास्तविक बदलाव लाया है। मन्देर कुमेटी जहां पारदर्शी धान खरीदी से संतुष्ट हैं, वहीं सुकाल दाई महतारी वंदन योजना को अपने जीवन की खुशहाली का आधार मानती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की इन योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।





