नहीं हुआ कलेक्टर का आदेश पालन।

नहीं हुआ कलेक्टर का आदेश पालन।

नारायणपुर:- नारायणपुर के मार्ग की हालात किसी से छुपी नहीं है अपने मार्ग की बदहाली के कारण नारायणपुर जिला पूरे छत्तीसगढ़ में विख्यात हो चला है इसी मार्ग की परिस्थितियों को देखते हुए नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन जी द्वारा स्वत: संज्ञान लेते हुए नारायणपुर से छेरी बेड़ा मार्ग को मार्च तक पूर्ण रूप से कंपलीट करने का आदेश ठेकेदार को दिया गया था लेकिन नारायणपुर से कोंडागांव के मध्य अभी भी ठेकेदार द्वारा पुल पुलिया का निर्माण करवाया जा रहा है जिससे देखते हुए ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता की नारायणपुर के कलेक्टर का आदेश  गंभीरता पूर्वक ली गई है,जैसे की नारायणपुर कलेक्टर ने मार्ग की बदहाली को देखते हुए गंभीरता दिखाई थी कही ना कही नारायणपुर जिला में निवासरत जनता को भी लगा था की लगता है मार्ग बन ही जाएगा।

यह नारायणपुर की विडंबना ही कहे की आज जब से निक्को और देव माइंस संचालित हुए है जनता को विकास के नाम पर सिर्फ धूल और परेशानी ही मिली है।

निक्को और देव माइंस कांग्रेस सरकार के शासन काल में ही संचालित हुए और जिस तरह से बिना जनता के सुख ,सुविधाओं का ध्यान ना रखते हुए यह माइंस संचालित किए गए तभी से ही नारायणपुर जनता की परेशानी मार्गों को ले कर देखने को मिली और जहां सत्ता आते ही बीजेपी  ने मार्ग को पक्का और सुविधायुक्त बनाने की बात की थी ढाई साल होने को है अभी तक ऐसा कोई रिजल्ट नजर नहीं आया सत्ता पक्ष से जनता को सबसे ज्यादा उम्मीदें रहती है लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन से ही कार्य चल रहा है ।

जहां माइंस खुलने से पहले चारों दिशाओं में पक्का सड़क सुविधा  मार्ग सुगम था अब सिर्फ गड्ढे ही देखने को मिलते है यही कारण है की बसों के पहिए आठ माह से ज्यादा होने को है नारायणपुर से कोंडागांव मार्ग बंद पड़ा हुआ है , लेकिन अपने निजी कार्य के लिए सफर तो करना ही है इसलिए नारायणपुर वासी एडका मार्ग का उपयोग करने पर मजबूर है जहां दूरी नारायणपुर से कोंडागांव की तीस किलोमीटर अधिक पड़ने के साथ साथ टोल टैक्स भी वहन करना पड़ रहा है।

जब जनता ही अपना विकल्प तलाश रही है तो फिर जनप्रतिनिधि गण एवं अधिकारी दोनों मौन देखने को मिल रहे है ।जहां बरसात में मात्र तीन माह बचे हुए है वही अब नारायणपुर के मार्गो का बनना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा।

 

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