
*मंत्री व विधायक के निर्देशों का पालन नहीं*
*कलेक्टर महोदया के आदेशों का भी कोई पालन नहीं*
नारायणपुर:- लगातार बारिश के चलते जहां एक ओर किसानों के चेहरे पर खुशी बनी हुई है और खेती किसानी का कार्य जोरो पर है वही इसी बारिश के चलते नारायणपुर जिले में मार्गों का बुरा हाल है पिछले वर्ष भी नारायणपुर जिले वासियों को मार्गो की दुर्गती का शिकार होना पड़ा था लेकिन एक उम्मीद थी की इस वर्ष ना सही आने वाले वर्षों में नारायणपुर जिला जिसमें ओरछा,कोंडागांव,अंतागढ़ मार्ग काफी जर्जर हो चुका है राहत मिलेगी लेकिन वक्त बदलते – बदलते जिस कदर से ठेकेदार द्वारा कछुआ गति से कार्य को अंजाम दिया जाने लगा नारायणपुर जनता की नाराजगी जाहिर होने लगी और मुख्य विपक्षी पार्टियों ने भी जनता की परेशानियों के मद्देनजर कई बार आंदोलन भी किया।स्वयं कलेक्टर महोदया द्वारा संबंधित विभाग और ठेकेदार को निर्देश दिया गया था की एक मार्च तक छेरीबेड़ा से नारायणपुर तक हर हाल में सड़क गुणवत्तापूर्ण बन जानी चाहिए यहां तक छत्तीसगढ़ राज्य मंत्री व विधायक महोदय माननीय केदार कश्यप जी द्वारा भी अभी हाल के ही कुछ हफ्ते पहले ही संबंधित विभाग और ठेकेदार को नारायणपुर से कोंडागांव मार्ग की अति आवश्यकता को बताते हुए गुणवत्ता पूर्ण मार्ग बरसात से पहले पहले अनिवारु रूप से बनाने का निर्देश दिया गया था बावजूद ना तो संबंधित विभाग और ना ही ठेकेदार को कोई फर्क पड़ा और इस बरसात मानो लग रहा है की फिर से नारायणपुर की जनता बदहाल सड़को का दंश झेलने को मजबूर होगी। आने जाने वाले राहगीरों से जब इस बदहाल मार्ग के बारे में चर्चा की गई तो गंभीर आरोप संबंधित ठेकेदार पर लगाते हुए कहा गया की विकल्प के तौर पर ठेकेदार को एक ओर से ही नारायणपुर से कोंडागांव तक पहले पूर्ण सफल सड़क बना लेनी चाहिए थी उसके बाद दूसरी ओर सड़क निर्माण कार्य आरम्भ करना था जिससे सभी को इस सड़क का लाभ मिलता, लेकिन ना जाने ठेकेदार को ना तो मंत्री और ना ही कलेक्टर के आदेश की कोई परवाह है। मंत्री जी और कलेक्टर नारायणपुर की आदेशानुरूप ग्राम रेमावंड से कोकोडी अगर समय रहते मात्र पंद्रह किलोमीटर का मार्ग बन गया होता तो नारायणपुर से कोंडागांव मार्ग जो मुख्य मार्ग है सुगम सफ़र नारायणपुर वासियों को मिलता इसके उलट अभी तक ना तो ओरछा मार्ग और ना ही अंतागढ़ मार्ग बहाल हुआ है यह दोनों मार्ग भी अत्यंत जर्जर हालात में है।





