स्थानीय भाषा की हैंगिंग लाइब्रेरी

नारायणपुर के 50 स्कूलों में अब लटकेगी ‘ज्ञान की पोटली’: स्थानीय भाषा की हैंगिंग लाइब्रेरी हेतु शिक्षकों की कार्यशाला संपन्न
नारायणपुर, 21 जनवरी 2026 // अब नारायणपुर के दूरस्थ अंचलों में बच्चे अपनी ही मातृभाषा में कहानियाँ पढ़ेंगे और ज्ञान के नए क्षितिज छुएंगे। कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो के मार्गदर्शन में ‘नियर नेल्लानार योजना’ के तहत एक ऐतिहासिक पहल की गई है। जिले के 50 विद्यालयों में स्थानीय भाषा की ‘हैंगिंग लाइब्रेरी’ (लटकती हुई लाइब्रेरी) की स्थापना हेतु शिक्षकों के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस पहल की 5 खास बातें:
• मातृभाषा से जुड़ाव: बच्चों को उनकी अपनी स्थानीय भाषा और परिवेश से जुड़ी रोचक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
• पहुँच आसान, पढ़ाई मजेदार: जिला प्रशासन और शिक्षार्थ ट्रस्ट के सहयोग से तैयार यह लाइब्रेरी न केवल आकर्षक है, बल्कि बच्चों की आसान पहुँच में भी होगी।
• ओरछा जैसे क्षेत्रों में शिक्षा की नई किरण: कलेक्टर ने इसे ओरछा जैसे संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया है।
• पठन संस्कृति का विकास: इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रटने की जगह पढ़ने और समझने की रुचि पैदा करना है।
• शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण: कार्यशाला में शिक्षकों को लाइब्रेरी के संचालन, पुस्तकों के प्रभावी उपयोग और पठन गतिविधियों के बारे में बारीकी से समझाया गया।
प्रशासन की दूरगामी सोच:
कलेक्टर नम्रता जैन ने शिक्षकों से अपील की है कि वे इन पुस्तकों का नियमित उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों में स्थानीय भाषा के प्रति गर्व और आत्मीयता का भाव जागे। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल ने भी इस नवाचार को जिले की शिक्षा गुणवत्ता में मील का पत्थर बताया।
इस कार्यशाला में जिला फेलो प्रतिनिधि, शिक्षार्थ ट्रस्ट की टीम और जिले के उत्साहित शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह पहल नारायणपुर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पठन संस्कृति को एक नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम है।

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