कलेक्टर नम्रता जैन ने किया शिक्षा विभाग की समीक्षा,

*कलेक्टर नम्रता जैन ने किया शिक्षा विभाग की समीक्षा, स्कूल केईंता अभियान के तहत शत-प्रतिशत नामांकन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेसलाइन सर्वे एवं शैक्षणिक विश्लेषण अभियान के निर्देश*

नारायणपुर, 02 जुलाई 2026 // कलेक्टर नम्रता जैन ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में जिले में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने स्कूल केईंता अभियान के अंतर्गत स्कूल से बाहर एवं अप्रवेशी बच्चों की पहचान के लिए घर-घर सर्वे अभियान को सतत रूप से जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सहयोग से शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य प्राप्त किया जाए। आवश्यकता वाले क्षेत्रों सहित कोडकापार में वैकल्पिक विद्यालय प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने बताया कि *चालू शैक्षणिक सत्र में घर-घर सर्वे के माध्यम से 1,000 से अधिक स्कूल से वंचित एवं अप्रवेशी बच्चों की पहचान की जा चुकी है* उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे अभियान को और अधिक व्यापक रूप से जारी रखा जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने सभी चिन्हित एवं शेष बच्चों का समयबद्ध रूप से विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में बेसलाइन सर्वे कर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का आकलन करने तथा उसके आधार पर शैक्षणिक विश्लेषण अभियान प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का नियमित विश्लेषण किया जाए तथा उसके अनुरूप रिमेडियल कक्षाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित क्वालिटी टेस्ट एवं सतत मूल्यांकन के माध्यम से अधिगम स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जेईई एवं नीट कोचिंग कक्षाओं का नियमित संचालन तथा नए शिक्षकों की नियुक्ति तक विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में स्थानीय अतिथि शिक्षकों एवं शिक्षा दूतों की शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। लंबे अवकाश पर रहने वाले शिक्षकों के स्थान पर भी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, विद्यार्थियों को समय पर गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों के वितरण, आधार आधारित अपार आईडी निर्माण में प्रगति, एबेकस, बाला पेंटिंग सहित अन्य शैक्षणिक नवाचारों को बढ़ावा देने तथा मध्यान्ह भोजन एवं नाश्ता योजना के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध, जवाबदेहीपूर्ण एवं परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली अपनाते हुए शत-प्रतिशत नामांकन एवं शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त, जिला मिशन समन्वयक, जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता) तथा दोनों विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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