नारायणपुर:- जैसा की बीजेपी शासन ने वादा किया था मार्च 2026नक्सली खात्मा का,सरकार ने वाकई मार्च 2026 में यह सच कर दिखाया सरकार ने जो कहा वो किया आज अबूझमाड़ जो कई सालों से अबूझ था आज विकास की राह पर अग्रसर है सड़क ,स्कूल,पंचायत भवन,आश्रम शाला,अस्पताल,पेय जल,पुल,पुलियों का निर्माण के साथ साथ दूर अंचलों में ग्रामीण बस सेवा भी प्रारंभ हो चुकी है जनता अबूझमाड़ को अब देख रही है समझ रही है,जहां कभी भय का वातावरण था आज सुख,सुविधा की बयार है लेकिन इसी सुख,सुविधा और विकास के चलते ग्रामीण अंचलों में भी लालच देखने को मिल रहा है और वह लालच है भूमि अतिक्रमण की।
आज ग्रामीण आदिवासी जमीन हथियाने के लालच में कई वर्षों पुराने वनों को बेतहाशा काट कर जला कर कृषि भूमि हेतु मरहान बनाए जाने पर टूट पड़े है सोनपुर रेंज में यह अतिक्रमण सब से ज्यादा देखने को मिल रहा है जो महज नारायणपुर से दस किलोमीटर की दूरी से ही वनों को काट कर अतिक्रमण करना साफ नजर आता है, लेकिन जिस वन विभाग की जिम्मेदारी वनों को संरक्षित करने का है उस वन विभाग के द्वारा कोई भी कार्यवाही ना करना ग्रामीणों की हिम्मत बढ़ाना और वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी पर मिली भगत का संदेह प्रतीत करता है,सवाल यह भी उठता है की सोनपुर रेंज अधिकारी , कर्मचारी क्या कर रहे है जब कई एकड़ जंगलों को काटा,जलाया,सुखाया जा रहा है इससे यह भी संदेह उत्पन्न होना स्वाभाविक है की अपने कर्तव्य वन विभाग नहीं निभा पा रहा है,एक भी अतिक्रमण का प्रकरण ना तो दर्ज है ना कार्यवाही हो रही है अब तो ग्रामीणों को वन विभाग का डर ही समाप्त हो गया है ।
जिला प्रशासन से पूर्ण उम्मीद है की इस खबर पर संज्ञान लेते हुए वन विभाग और ग्रामीण जो जंगलों पर अतिक्रमण कर रहे है उचित कार्यवाही करे।




