खराब खस्ता हाल सड़क के चलते चक्का जाम।

*माइंस खुले चार साल से अधिक हो गए कोई सुख सुविधा सड़क को लेकर नहीं मिला सिर्फ आश्वासन*

*राजनीतिक पार्टी से लेकर प्रशासन के खिलाफ भी भारी नाराजगी ,सड़क नहीं तो गाड़ी नहीं चलेगी के तर्ज पर चक्का जाम*

*जिला नारायणपुर ग्राम मुंजमेटा में ख़राब सडक को लेकर ग्रामीणों के द्वारा अपनी जायज मांगो को लेकर आज भी तपती धुप में रोड में बैठने पर हैं मजबूर*

जिला नारायणपुर में आज भी ग्राम मुंजमेंटा के निवासी भरी गर्मी में तपती धुप में अपनी जायज मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं, आमदई कि सैकड़ो गाड़ियों के चक्के थम गए हैं। शासन प्रशासन के द्वारा छोटेडोंगर तहसीलदार और निको जायसवाल कंपनी के मिश्रा जी और PWD के तरफ से इंजिनियर साहब इन सभी के द्वारा रोड को खुलवाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा हैं, परन्तु गांव वालो को इन सभी के द्वारा समझाने में विफल रहे हैं,और रोड को जल्द ही ठीक कर देंगे बोलकर समझाईस दिया जा रहा हैं, परन्तु ग्रामीणों का कहना हैं कि पिछले 5 सालो से हम सभी यही सुन रहे हैं कि रोड को बना देंगे, बना देंगे कोई भी आता हैं, चाहे राजनितिक पार्टी से हो, शासन प्रसाशन से हो या फिर निको कम्पनी के द्वारा सिर्फ हर बार झूठा आश्वाशन देकर हमको ठगा जाता हैं, हम अपनी फरियाद लेकर आख़िरकार किसके पास जाये, हम सभी गाँव वालो को मजबूर होकर भरी गर्मी में अपना काम धाम छोड़कर भूखे प्यासे रहकर कौन रोड में उतरना चाहता हैं, पर हम सभी ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं, इसलिए रोड में उतरना हमारी मज़बूरी हैं,

*ग्रामीणों कि मुख्य मांगे हैं, माइंस चले ट्रक चले पर पहले रोड बना के दो हमको*

हड़ताल में बैठे ग्रामीणों का कहना हैं कि सबसे पहले हमको हमारी रोज मर्रा कि जिंदगी में उपयोग होनें वाली आवाजही के साधन सडको को बनवाकर दिया जाये, पिछले 5 सालो से सबसे सुनते ही आ रहे हैं, हम रोड बना देंगे, हमारी सरकार आएगी तो तुरंत ही रोड बनवा देंगे, पर क्या हुआ, न तो रोड का पता न तो जनप्रतिनिधियों का अता पता नहीं, न ही खदानों को खुलवाने वाले और खदानों को संचालन करने वाले कंपनी का अता पता नहीं, जब भी चक्कजाम या रोड में हड़ताल पर बैठते हैं, तभी निको जायसवाल कंपनी के संचालन कर्ता और शासन प्रशासन के अधिकारी रोड को खुलवाने आ जाते हैं, पर समस्याओ का समाधान के बारे में बात करें तो आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं देते। निको जायसवाल कंपनी के द्वारा हड़ताल करने पर पेचिंग के नाम पर आमदई खदान से निकलने वाले अवशेषों को गिट्टी, मुरुम, और बडे बडे बोल्डर के पत्थर को रोड में पेचिंग के नाम पर बिछा देते हैं, जिसके कारण आवागमन करने वाले यात्रियों को कई बार चोट पहुंची हैं, और ट्रक मालिकों का कहना हैं कि बडे बडे बोलडरो के पत्थरो को रोड में पेचिंग के नाम पर डालने से टायर सैकड़ो गाड़ियों के फूट भी रहे हैं या तो पंचर हो रहे हैं, जिला नारायणपुर में टायर पंचर दुकान और नया टायर बेचने वालो कि चांदी ही चांदी हैं, ट्रक मालिकों कि भी मज़बूरी हैं, या तो ट्रक चलाये या फिर बेच दे, दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा हैं ट्रक मालिकों के पास भी, ट्रक चले तो आम जनता परेशान न चले तो ट्रक मालिक परेशान समस्याओ का पहाड़ बन गया हैं, इन्ही सभी समस्याओं को लेकर ग्राम मुंजमेटा के ग्रामीण अपनी जायज मांगो को लेकर रोड पर धरने पर बैठने पर हैं मजबूर।
अब देखना होगा शासन प्रसाशन और निको जायसवाल कम्पनी आम जनता को क्या सुविधा उपलब्ध करवाती हैं, और रोड को जल्द से जल्द गड़बेंगाल में 1 किलोमीटर रोड को पेचिंग किया गया हैं, वैसे ही करती हैं, या फिर वही पुराना डायलॉग मारते हुये झूठे आश्वासन देकर धरना को समाप्त करने को कहा जाता हैं।

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