नारायणपुर:चार साल से अधिक समय माइंस खुले व्यतीत हो जाने के बावजूद कोई विशेष राहत नारायणपुर जिला वासियों को सड़क सुविधा की नहीं मिली है जिससे दिन प्रतिदिन ग्रामीणों और नारायणपुर शहर वासियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है आधा अधूरा सड़क निर्माण नारायणपुर से कोंडागांव के बीच जरूर किया गया है लेकिन इस मार्ग से आने जाने वालो को धूल के गुबार का दंश जहां सड़क पूर्ण नहीं हुई है सहन करना पड़ता है और यह धूल का गुबार इतना अत्यधिक होता है की सामने से आने वाली गाड़ी या अधूरा पड़ा पुलिया नजर ही नहीं आता जिससे दुर्घटना होने की संभावनाएं बनी रहती है।
नारायणपुर वासियों का कहना है की नारायणपुर से कोंडागांव रोड कम से कम बरसात के पूर्व एक तरफ से ही सही पूर्ण तो बने वही नारायणपुर से ओरछा रोड और अंतागढ़ रोड की हालत भी काफी दयनीय है पिछले चार सालों से अधिक माइंस के कर्मचारी हो या जिला प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ आश्वासन से ही मार्ग पूर्ण होने का काम चल रहा है जब कभी भी ग्रामीण या शहर वाले चक्का जाम या हड़ताल मार्ग निर्माण को लेकर करते है तब प्रशासन गहरी निंद्रा से जाग थोड़ा राहत जरूर देता है और फिर कुंभकरण की निंद्रा पर चले जाता है।
कलेक्टर मैडम नारायणपुर का भी कड़ा आदेश था की नारायणपुर से छेड़ीबेड़ा तक मार्च तक मार्ग पूर्ण बन जाना चाहिए लेकिन आज तक आदेश का पालन नहीं किया गया।
इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं की माइंस खुलने से नारायणपुर वासियों को सुख सुविधाएं कम और परेशानी ज्यादा मिली जबकि नारायणपुर आदिवासी बहुल क्षेत्र है यह बात भी ज्ञात रखनी चाहिए जो की माइंस खुलने के चार साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी दंश झेल रहे है।



